बहति निकाय चुनाव बयारी।वोट देयॅ कै आई बारी।।
स्वाचौ समझौ परखौ भाई।पाॅच साल मा मौका आई।।
सपा लखै आपन परिवारा।जातिवाद करिहै विस्तारा।।
पञ्चर करौ साइकिल ससुरी।ट्वारौ एहिकै हड्डी पसुरी।।
काॅग्रेस बनि गै इतिहासा।अब न बची है कउनिउ आसा।।
बसपा मा न बची दम साथी।माया थकी बूढ़ भा हाथी।।
करौ न तनिकौ सोच विचारा।मानि लेव बस कहा हमारा।।
वोट देयॅ के दिन सब भाई।पहुॅचि बूथ पर लोग लुगाई।।
भरि उछाह दिल मइहाॅ यारौ।कमल बटन पर अंगुरी मारौ।।
अम्मा दीदी भैया बप्पा।अइस करौ जीतै भाजप्पा।।
साथी नव इतिहास गढ़ावौ।जोगी जी का मान बढ़ावौ।।
मेयर पार्षद बनै हमारा।तब बहि चलै प्रगति कै धारा।।
रघोत्तम शुक्ल


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